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शेयर बाजार

Share market kya hai | what is share market hindi me

Share market kya hai hindi me –

भारतीय लोगों का share market की तरफ झुकाव होने का कारण –

Share market kya hai और इसमें कैसे पैसे कमाएं जाते है यह विषय आज के भारत का सबसे प्रचलित विषयो में से एक है। कोई इसे जुआ बाज़ार कहता है तो कोई कुछ। परन्तु दोस्तों मैं उम्मीद करता हु की इस आर्टिकल को पढ़ कर आपके सारे भ्र्म दूर हो जायेगे। और आप सच में जान जायेंगे की stock market या share market kya hai .

भारत देश जिसे कभी सोने की चिड़िया भी कहा जाता था आज के समय में गरीबी से जूझ रहा है। क्या आप इसका कारण जानते है ? दोस्तों वैसे तो इसके बहुत से कारण हो सकते परन्तु भारत के लोगों का शिक्षित न होना इसका एक बड़ा कारण है। इसी अनपढ़ता के कारण आज हमारे भारतदेश में जनसख्या विस्फोट हुआ क्योंकि आजादी से पहले आयी एक बिमारी और दंगो में बहुत से लोग मारे गए जिस कारण हमारे देश में कई -कई बच्चे पैदा करने का रिवाज चल पड़ा। परन्तु अनपढ़ या अशिक्षित होने के कारण हमे इसके दुष्परिणाम न पता चले और हम गरीब होते चले गए।

ठीक इसी प्रकार वर्ष 2020 में एक विश्व्यापी बिमारी जिसका नाम कोरोना या फिर हम इसे covid -19 भी कहते है सारे विश्व में फ़ैल गई। यह एक ऐसी बीमारी थी जिससे इससे सक्रमित व्यक्ति को छूने से आप भी इससे ग्रस्त हो सकते हो। जिस कारण दुनिया भर की सरकारों ने अपने – अपने देश में लॉकडाउन लगा दिया। जिस कारण भारत सरकार ने भी यह कदम उठाया। अब लोगों की नौकरिया छूट चुकी थी क्योंकि लोग अपने घरो में कैद हो गए थे।

परन्तु उन सभी को अपनी आजीविका कमाने के लिए कुछ न कुछ करना जरूरी है। और वहीँ दूसरी तरफ भारत में jio के कारण इंटरनेट क्रान्ति आ चुकी थी। अब घरो में कैद लोगो ने अपने मोबाइल phones पर पैसा कमाने के तरीके ढूंढने लगे और फिर उनके सामने जो विकल्प आया वो था stock market . अब ज्यादातर लोग यूट्यूब वैगरहा पर देख कर शेयर बाजार में इन्वेस्ट करने लगे। उस समय stock market के क्रैश होने के कारण सभी शेयर अपने lowest थे। जिस कारण बहुत से लोगों ने बहुत प्रॉफिट भी कमाया। इस समय में जहाँ पहले 2 प्रतिशत से भी कम लोग share market में इन्वेस्ट करते थे अब वह 4 प्रतिशत से भी ज्यादा हो चुके थे।

परन्तु यही लोगों ने यही गलती की की उन्होंने बिना कुछ सीखे बस यूट्यूब चैनल और अन्य लोगो से मिलने वाली टिप के सहारे अपने शेयर खरीदे जिस कारण बाद में उनको नुक्सान हुआ। और इसी कारण लोग इसे सट्टा बाजार कहने लगे। परन्तु यहाँ लोग खुद की गलती तैयार नहीं है की उन्होंने बिना इस मार्किट को समझे अपना पैसा लगाया और फिर गंवाया। यह बिलकुल वैसा ही था जैसा आज़ादी के बाद जनसंख्या विस्फोट हुआ था। और बिना ज्ञान के सिर्फ टिप के सहारे invest करने के दूषपरिणाम लोगों को अब पता चलने लगे है जिस कारण बहुत से लोग दिवालिया हो चुके है। परन्तु यह भी सच है की शेयर मार्किट मे अथाह पैसा है जो सिर्फ खुद की मेहनत के सहारे कमाया जा सकता ना की टिप के सहारे।

दोस्तों अक्सर share bazaar में यही देखा जाता है की लोग इसमें बहुत से सपने लेकर बड़े जोश के साथ इसमें आते है और फिर इतनी ही तेजी से नुक्सान उठा कर इससे बाहर चले जाते है। यह सब इसीलिए होता है क्योंकि हम बिना पूरा ज्ञान लिए लोगों या फिर अन्य जगहों से टिप लेकर इसमें invest करते है और फिर नुक्सान उठाते है। इसीलिए आज हम आपको इस मार्केट के बारे में आपको सम्पूर्ण ज्ञान देंगे और आपको ज्यादा से ज्यादा इस मार्किट के बारे बताने की कोशिश करेंगे।

Share market kya hai –

Share bazaar को आसानी से समझने के लिए हम किसी सब्जी मंडी से इसकी तुलना कर सकते है। जैसे किसी सब्जी मंडी में हम पैसे देकर कोई सब्जी खरीदते है ठीक उसी प्रकार पैसे देकर हम शेयर बाज़ार की मंडी कहे जाने वाले NSE ( नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ) और BSE ( बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ) से हम किसी भी कंपनी से शेयर खरीद सकते है। यह सारी market डिमांड और सप्लाई पर कार्य करती है। मतलब जिस शेयर की डिमांड ज्यादा होती है और सप्लाई कम होती है उसका भाव ज्यादा होता है इसके विपरीत जिस भी शेयर की सप्लाई ज्यादा और डिमांड कम होती है उसका भाव कम होता है।

इस बाजार को सही से समझने के लिए हमे प्राचीन काल में जाना पड़ेगा। जब दुनिया में लोकतंत्र का आगमन होता है तभी से शेयर बाजार का concept लोगों के दिमाग में आया। क्योंकि अमेरिका और फ्रांस की क्रांति के बाद बहुत से पश्चिम देश राजतन्त्र से आज़ाद हो चुके थे। जिस कारण अब इन देशो के लोग स्वतंत्र रूप से सोच सकते थे और अपना व्यापार कर सकते थे। इसी के चलते सबसे पहले दुनिया में नार्वे देश में The Amsterdam stock exchange के रूप में सबसे पहला stock exchange खुला।

share bazaar को समझने के लिए आपको सबसे पहले यह समझना आवश्यक है की इसकी जरूरत हमे क्यों पड़ी। जब दुनिया में लोकतंत्र आया तो लोगों को अपने अनुसार काम करने की सवतंत्रता मिली और उन्होंने नए – नए आविष्कार किये और दुनिया में औधोगिक क्रांति आयी। परन्तु जिन लोगों ने आविष्कार किये उन सभी के पास पैसा नहीं था और अपने आविष्कार को व्यापारिक रूप देने और उसके उत्पादन के लिए पैसे की जरूरत पड़ी। जिस कारण share bazaar का concept लोगों के दिमाग में आया।

मतलब वे लोग जिनके पास आईडिया तो थे मगर पैसे नहीं थे ने शेयर बाज़ार के concept को अपनाया। और उन्होंने अपने आईडिया को लोगों से शेयर करके उनको भविष्य में लाभ कमा कर देने की एवज में उनसे पैसे लिए और अपना कार्य शुरू किया। इसको आप दूसरे शब्दों मे ऐसे समझ सकते हो की जैसे मेरे पास कोई बिसनेस आईडिया है परन्तु उस पर लगाने के पैसे नहीं इसीलिए मैंने पैसे के लिए कई लोगों से सम्पर्क किया और उन सभी से अपने बिसनेस आईडिया मे पैसे लगाने का अनुरोध किया। जिसमे से कुछ लोगों को मेरा बिसनेस आईडिया पसंद आया और उन्होंने उसमे पैसे लगाए। और जिस अनुपात मे उन्होंने पैसे लगाए उसी अनुपात मे वो उस buisness के मालिक बन गए। जैसे – की मैंने उस buisness मे कुल 100 रूपये लगाए और इन 100 रुपयों मे 10 रूपये राम ने लगाए तो राम इस buisness मे 10वे हिस्से का मालिक बन जाएगा।

इसी concept पर stock market काम करता है। ज़ब bhi किसी कंपनी को पैसो की जरूरत होती है तो वह उन पैसो को शेयर बेच कर पूरा करती है। उदाहरण के लिए tata motors जो टाटा समूह की एक कम्पनी है को अपना buisness बढ़ाना है इसीलिए उसे और पैसो की जरूरत है तो वह जितनी भी capital की जरूरत होंगी उसको शेयर्स मे बाँट कर NSE और BSE पर बेचेगी। जैसे TATA MOTORS को 1 करोड़ रुपयों की जरूरत है और उसके एक शेयर की कीमत 100 रूपये है तो वह 100000×100 = 10000000 मतलब एक लाख शेयर issue करेगी। और जो जितने share खरीदेगा वह उतना ही कम्पनी मे हिस्सेदार होगा।

शेयर क्या होता है –

share market kya hai इसको समझने के लिए सबसे पहले हमे शेयर के बारे में जानना पड़ेगा। शेयर का मतलब होता है हिस्सा। मतलब जिसके पास किसी कम्पनी का जितना शेयर होगा वह उस कंपनी का उतना ही हिस्सेदार होगा। ज़ब दुनिया मे औद्योगिक क्रांति आयी तब नई – नई कम्पनियाँ और स्टार्टअप खुलने लगे। परन्तु किसी स्टार्टअप या कंपनी को खुलने के लिए बहुत पैसा खर्च होता है जो सामान्य तौर पर एक व्यक्ति के बस की बात नहीं होती। बस तभी से शेयर मार्किट का concept दुनिया मे आया। और वो व्यक्ति जो कंपनी या स्टार्टअप शुरू करता था वह आम लोगों को अपना आईडिया प्रस्तुत करता था और जितनी पूंजी उसको चाहिए होती थी उस पूंजी के शेयर मे हिस्से करके शेयर मार्किट मे प्रस्तुत करता है व जिसको उसकी कंपनी और आईडिया पसंद आता है वह उन शेयर्स को खरीद लेता है। और जितने भी शेयर्स खरीदता है वह व्यक्ति उतने ही हिस्से का मालिक बन जाता है।

इसको एक उदाहरण से समझते है जैसे की टाटा समूह कोई नई कंपनी शुरू करता है तो उसको इसके लिए 10 करोड़ की जरूरत है। जिसके लिए वह इस पूंजी को 10 रूपये प्रति शेयर्स के हिसाब से 1 करोड़ शेयर्स मार्किट मे issue करता है जिसको कोई भी व्यक्ति अपने डीमैट अकाउंट से खरीद सकता ही। जो भी व्यक्ति जितनी भी मात्रा मे शेयर्स खरीदेगा वह उतने ही अनुपात मे कम्पनी का मालिक होगा। जैसे राम ने इस नई कंपनी 10 लाख शेयर खरीदे जो उसे 10 रूपये शेयर के हिसाब से 1 करोड़ के हुए। जो की 10 करोड़ का दसवा हिस्सा है। इस प्रकार राम इस टाटा समूह की नई कम्पनी के दसवे हिस्से का मालिक बन गया।

भारत के मुख्य शेयर बाज़ार –

भारत में मुख्य रूप से दो शेयर बाज़ार है जिनको NSE ( National stock exchange ) और BSE (Bombay stock exchange ) कहा जाता है। इनमे NSE वर्तमान में भारत का LEADING शेयर बाज़ार है। NSE की स्थापना 1992 में मुंबई में हुई थी। भारत की लगभग सभी बड़ी कम्पनिया इस Stock exchange पर रेजिस्टर्ड है। इसके indices को nifty 50 कहा जाता है। निफ़्टी 50 के आंकड़े भारत की टॉप 50 कम्पनियो को लेकर बनाये जाते है। निफ़्टी 50 एक प्रकार का ऐसा सूचकांक जो यह दर्शाता है की फिलहाल मार्किट की दशा क्या चल रही है।

इसी प्रकार BSE भारत के साथ – साथ एशिया का भी सबसे पुराना stock exchange है। जिसकी स्थापना 1875 में मुंबई की दलाल स्ट्रीट पर हुई। इसका indices BSE SENSEX है।

शेयर कैसे खरीदे और बेचें –

अब जब हम यह जान गए है की शेयर मार्किट क्या है और शेयर क्या है। तो इसके बाद सवाल उठता है की इन अलग – अलग कम्पनियो के शेयर्स को कैसे खरीदे और बेचें। इसके लिए आपको सबसे पहले एक डीमैट अकाउंट की जरूरत होती है। इस अकाउंट को हम किसी भी स्टॉक ब्रोकर की सहायता से बनवा सकते है। ये स्टॉक ब्रोकर शेयर्स की इस खरीद फरोख्त के लिए हमसे कुछ कमीशन वसूलते है। भारत में बहुत सारे स्टॉक ब्रोकर उपलब्ध है जैसे – angle broking ,zeerodha ,groww इत्यादि। डीमैट अकाउंट को खुलवाने के लिए आपके पास सेविंग अकाउंट का होना बहुत जरूरी है। क्योंकि सबसे पहले सेविंग अकाउंट से आपको पैसे अपने डीमैट अकाउंट में डालने होंगे और उसके बाद आप शेयर्स को खरीद या बेच सकते है। इसी प्रकार जब आपको अपने डीमैट अकाउंट से पैसे निकालने होंगे तो आप अपने सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर कर के निकाल सकते हो।

विस्तार से पढ़े – डीमैट अकाउंट क्या है और इसे कैसे खोले सारी जानकारी हिंदी में

शेयर मार्किट में indices ( सूचकांक ) क्या होते है –

सूचकांक किसी भी चीज के इस प्रकार के आंकड़े होते है जो की हमे यह दर्शाते है की वर्तमान में उस चीज की स्तिथि क्या चल रही है। जैसे की अगर हमे किसी ग्रुप के काम की सही स्तिथि का ज्ञान लगाना हो तो ग्रुप की average निकालते है। इसी प्रकार वर्तमान में मार्केट की सही स्तिथि क्या है यह हम इसके सूचकांक से पता लगा सकते है। भारत में NSE का सूचकांक निफ़्टी -50 और BSE का सूचकांक सेंसेक्स है। ये सूचकांक NSE और BSE की टॉप कम्पनियो को लेकर बनाये जाते है।

शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करें या न करें –

अब हमें शेयर मार्किट के बारे में इतना तो पता लग चूका है की यह क्या होती है और कैसे काम करती है। परन्तु अब सवाल यह उठता है की इसमें इन्वेस्ट किया जाए या नहीं। क्योंकि भारत में स्टॉक मार्किट को लेकर बहुत सी भ्रांतिया है की यह तो जुआ है या फिर स्टॉक मार्किट में हर किसी का नुक्सान होता है इत्यादि। परन्तु इन सबके बावजूद क्या आप लोगों को पता है की अमेरिका में लगभग 65 से 70 प्रतिशत लोग स्टॉक मार्किट में इन्वेस्ट करते है। और आप लोग यह तो जानते ही होंगे की अमेरिका दुनिया की सुपरपावर है। और जो लोग इतने advance है वो इतनी मात्रा में इन्वेस्ट करते है मतलब वो पागल भी नहीं है।

अब इस सवाल का जवाब की क्या इन्वेस्ट किया जाए या नहीं तो इसका जवाब है की हाँ हर उस इंसान को स्टॉक मार्किट में इन्वेस्ट करना चाहिए जो सीखने की शक्ति रखता है। दुनिया के महान निवेशक वारेन बुफे कहते है की वो अपनी पसंद के इतने बिसनेस कभी न कर पाते अगर स्टॉक मार्किट नहीं होती। क्योंकि आप शेयर मार्किट के सहारे उस किसी भी व्यापर में पैसा लगा सकते हो जो आपको पसंद हो। अभी भारत में मुश्किल से 4 प्रतिशत लोग ही स्टॉक मार्किट में इन्वेस्ट करते है मतलब अभी भारत के शेयर बाजार में अपार अक्षमताएं है। आप स्टॉक मार्किट में अपार सफलता प्राप्त कर सकते है अगर आप सही स्टॉक्स को चुनते हो तो।

किन स्टॉक में इन्वेस्ट करे –

share market kya hai आपको इस सवाल का जवाब तो मिल गया है परन्तु अब सवाल उठता है की हम इन्वेस्ट करें तो किन स्टॉक्स में करे। वैसे तो यह विषय इतना बड़ा है की इसे समझने में सालों लग जाते है परन्तु आप शुरुआत में किसी स्टॉक में इन्वेस्ट करने के लिए सबसे खास बात का ध्यान रख ले जिससे आप अच्छी शुरुआत कर सकते हो –

PE ( price to earning ratio ) अनुपात का ध्यान रखे – अगर आप किसी कम्पनी में इन्वेस्ट कर रहे है तो सबसे पहले उस कंपनी के PE रेश्यो को ध्यान में रख कर इन्वेस्ट करें। यह PE राशन किसी भी कम्पनी का आमतौर पर 10 से 30 रहता है। यह इससे कम या ज्यादा हो सकता है परन्तु ज्यादातर समय यह इसी के बीच में ही रहता है। इसका सीधा -सीधा मतलब होता है की हम कितने पैसे लगाने के बाद कितना कमाते है। जैसे की किसी कंपनी का PE ratio 11 है तो समझो हमे उस कम्पनी से 1 रुपया कमाने के लिए 11 रूपये लगाने पड़ेंगे। और इसी के विपरीत अगर कम्पनी का PE अनुपात 25 है तो उसमे आपको 1 रुपया कमाने के लिए 25 रूपये लगाने होंगे। अब इतने तो समझदार हो ही की कोनसा decision सही है। इसीलिए किसी भी शेयर को खरीदते समय low pe वाली कंपनी ही चुने। इसके अलावा किसी भी कम्पनी या निफ़्टी 50 का PE आप NSE की वेबसाइट पर जाकर पता कर सकते है और सही इन्वेस्टमेंट कर सकते है। शेयर मार्किट में शुरुआत के लिए यह सबसे सही तरीका है।

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