डीमैट अकाउंट क्या है और इसे कैसे खोले सारी जानकारी हिंदी में
डीमैट अकाउंट क्या है

कोरोना काल के बाद लोगों के बीच एक सवाल बहुत पॉपुलर हो कर उभरा है की डीमैट अकाउंट क्या है। इसका एक बहुत बड़ा कारण रहा है कोरोना की वजह से लगने वाला लॉकडाउन। जिससे लोगों के काम – धंधे ठप्प हो गए। और लोग अब घर बैठे कुछ इनकम कमाना चाहते थे। जिसकी वजह से बड़ी संख्या में लोग शेयर बाजार की तरफ आकर्षित हुए। परन्तु अब सवाल ये था की शेयर बाजार में इन्वेस्ट कैसे किया जाए। क्योंकि इसके लिए सबसे पहले एक डीमैट अकाउंट का होना जरूरी है। इसीलिए आज हम आपको इस डीमैट अकाउंट की पूरी जानकारी देने जा रहे है।
विस्तार से पढ़ें – Share market kya hai | what is share market hindi me
डीमैट अकाउंट क्या है और इसकी जरूरत क्यों होती है –
सन 1996 से पहले किसी भी कंपनी के शेयर physical form में होते थे। मतलब जैसे हम किसी भी जमीन के मालिकाना हक का पता उसके कागजात देखकर पता करते है ठीक उसी तरह ये शेयर भी हमारे पास इन्ही कागजात के रूप में होते थे। जिनको संभालना ,बेचना, खरीदना इत्यादि बहुत ही मुश्किल होता था। क्योंकि सन 1996 से पहले जब भी किसी शेयर को खरीदना या बेचना होता था तो इसके लिए उस व्यक्ति या उसके स्टॉक ब्रोकर को स्टॉक एक्सचेंज में फिजिकल रूप में उपस्थित होना पड़ता था। जो की एक बहुत ही कठिन प्रक्रिया थी। जिस कारण बहुत से लोग तो शेयर मार्किट में इसीलिए इन्वेस्ट नहीं करते थे। इसके अलावा तब शेयर्स के physical form में होने के कारण इनके चोरी, गुम या नष्ट होने का खतरा भी बना रहता था।
परन्तु सन 1996 के बाद भारत की सबसे बड़ी स्टॉक एक्सचेंज NSE ने एक फैसला लिया की अब के बाद कोई भी शेयर physical form में नहीं रहेंगे और इन सभी को digital form में बदल दिया जाएगा। जिससे शेयर मार्किट में आम आदमी भी आसानी से इन्वेस्ट कर सकेगा। इसके अलावा जैसे लोग 1996 से पहले physical shares को तिजोरी में संभाल के रखते थे वैसे ही आज के समय में डीमैट अकाउंट वैसी ही तिजोरी है जहाँ आज के digital form में शेयर संभाल के रखे जाते है। दूसरे शब्दों में हम कह सकते है की डीमैट अकाउंट एक ऐसा अकाउंट होता है जहाँ हमारे शेयर्स को डिजिटल रूप में संभाल कर रखा जाता है। और इसको हम अपने मोबाइल या लैपटॉप से manage कर सकते है। इसे हम डिजिटल तिजोरी भी कह सकते है।
अब हम सोच रहे होंगे की जब हमारे शेयर डीमैट अकाउंट में होते है तो उनकी देखरेख कौन करता है। क्योंकि उनको हैकर द्वारा चुराया भी जा सकता है। तो ऐसा नहीं है दोस्तों। क्योंकि ये शेयर्स भारत सरकार द्वारा अधिनियमित दो depository ( जिनमे शेयर्स डिजिटल रूप से सेफ रखे जाते है ) CDSL और NSDL के पास रखे जाते है। और इन शेयर्स की देखरेख की जिम्मेवारी इन्ही की होती है। और यह सारी प्रक्रिया बहुत ही सेफ होती है। इसीलिए जिसको भी शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करना है उसको डीमैट अकाउंट खुलवाना सबसे जरूरी है क्योंकि इसके बिना हम आज के समय में शेयर मार्किट में इन्वेस्ट नहीं कर सकते। इसके अलावा investing के लिए आपके पास trading account होना भी जरूरी है जो डीमैट account खुलवाने के साथ – साथ अपने आप खुल जाता है।
डीमैट अकाउंट कहाँ खुलवाए –
अब तक आपको इतना तो समझ आ चूका होगा की डीमैट अकॉउंट क्या है और इसकी जरूरत क्यों होती है। अब सवाल उठता है की इसे कहाँ खुलवाए। इसके लिए आज के समय में बहुत से ब्रोकर है। परन्तु यह ब्रोकर भी तीन तरह के होते है।
- Full service broker – ये कुछ ऐसे ब्रोकर होते है जिनका ब्रोकरेज ज्यादा होता है क्योंकि ये कुछ अतिरिक्त सेवाएं देते है जैसे – समय – समय पर टिप देना या किसी ट्रेड के लिए call करना जिसे हम call in trade भी कह सकते है इसके अलावा ट्रेड से जुडी किसी भी प्रॉब्लम के लिए एक मैनेजर देना जिससे आप कभी भी अपनी प्रॉब्लम को शेयर कर सकते है। परन्तु इसके लिए ये बहुत ज्यादा ब्रोकरेज लेते है। इसके अलावा इनके द्वारा दी जाने वाली टिप और कॉल भी साधारण होती है।
- Bank – आजकल कुछ बैंक भी saving account के साथ – साथ डीमैट अकाउंट को भी open करते है। मगर इनकी ब्रोकरेज discount broker से बहुत ज्यादा होती है।
- Discount broker – दोस्तों अब तीसरी तरह के ब्रोकर आते है जो की आज के समय में सबसे उपयुक्त है और इन्हे हम discount ब्रोकर के नाम से भी जानते है। इनकी ब्रोकरेज बहुत ही कम होती है इसके अलावा इनका अकाउंट ओपनिंग चार्ज भी ना के बराबर होता है। इनके कुछ के नाम है जैसे – Angle broking, upstocks, zerodha, 5 paisa, Groww इत्यादि भारत के कुछ famous stock broker है। इन पर समय समय पर बहुत से ऑफर चलते रहते है। इसीलिए आप इनके ऑफर्स को चेक करके अपने लिए बेस्ट ब्रोकर ढूंढ सकते है। इसीलिए आज के समय अनुसार हमे डिस्काउंट ब्रोकर पर ही अकाउंट खुलवाना चाहिए।
अपना डीमैट अकाउंट खुलवाते समय किन बातों का ख्याल रखे –
दोस्तों हमे ये तो पता चल गया है की हमे अपना डीमैट अकाउंट डिस्काउंट ब्रोकर पर ही खुलवाना चाहिए परन्तु इसके अलावा भी कुछ ऐसी बाते है जिनका हमे डीमैट अकाउंट खुलवाते समय मुख्य रूप से तीन बातों का ध्यान रखना चाहिए –
- Annual maintenance charge ( A.M.P. ) – दोस्तों किसी भी डिस्काउंट ब्रोकर से अपना अकाउंट खुलवाने से पहले यह पता कर ले की उसका A.M.P. क्या है। क्योंकि कई ब्रोकर आपका अकाउंट तो फ्री में खोल देते है परन्तु उनका annual maintenance charge बहुत ज्यादा होता है। इसीलिए डीमैट खुलवाते समय इस बात का ध्यान रखे की आपका A.M.P. कम से कम या फिर शून्य हो।
- ब्रोकरेज – वैसे तो डिस्काउंट ब्रोकर की ब्रोकरेज बहुत कम होती है परन्तु बहुत से ऐसे ब्रोकर है जिनकी ब्रोकरेज जीरो होती है। अगर बाकी सब चीजे ठीक है तो किसी ऐसे ही ब्रोकर पर डीमैट अकाउंट खुलवाए जो जीरो ब्रोकरेज लेता हो।
- अकाउंट ओपनिंग चार्ज – आप किसी ऐसे डिस्काउंट ब्रोकर के साथ जिसका अकाउंट ओपनिंग चार्ज भी जीरो हो।
डीमैट अकाउंट कैसे खोले और इसके लिए क्या – क्या जरूरी है –
अब आप इतना तो समझ चुके होंगे की डीमैट अकाउंट क्या है और इसे कहाँ खुलवाए और इसकी क्या जरूरत है।परन्तु अब सवाल उठता है की इसे कैसे खुलवाए या खोले और इसके लिए क्या – क्या जरूरी है।
जरूरी चीजें – डीमैट अकाउंट के लिए सबसे पहले आपका किसी भी bank मे एक saving account होना बहुत जरूरी है। इसके अलावा आपके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड और वो मोबाइल नंबर जो आपके आधार कार्ड और पैन कार्ड से लिंक है जरूरी होना चाहिए। और यह मोबाइल नंबर एक्टिव होना चाहिए क्योंकि इसी पर वेरिफिकेशन के लिए otp आएगा। इसके अलावा आपका आधार आपके पैन कार्ड से लिंक होना चाहिए। तो अब डीमैट account खोलने की प्रक्रिया को समझते है –
1. सबसे पहले डीमैट अकाउंट खोलने के लिए सबसे पहले जिस भी ब्रोकर पर अप अपना अकाउंट खोलना चाहते हो उसकी app या वेबसाइट पर जाए ।
2. इसके बाद वहां दिख रहा sign up का option दबाये और अपनी बेसिक जानकारी fill करें। जिसमे आपका नाम, पता, जन्म तिथि इत्यादि होंगी।
3. अब निचे दिए continue के बटन को दबाये और अगले पेज पर अपने आधार कार्ड और पैन कार्ड की कॉपी स्कैन कर दो।
4. इसके बाद continue करें और अपने आधार कार्ड लिंक मोबाइल नंबर पर आये otp को fill करें। कई बार यह otp आपकी email पर भी आ सकता है। इसलिए उसे भी check कर ले।
5. अब आपके account को एक्टिव होने के लिए 2 से 3 दिन का समय लग जाता है। इसके बाद आपको ब्रोकर की तरफ से user id और possword मिल जाता है। जिसको डालने के बाद आपका account एक्टिव हो जाएगा और आप trading करना शुरू कर सकते हो।
इस सारी प्रक्रिया मे आपके डीमैट और trading account दोनों ही open हो जाते है। इसके बाद आप अपने saving account को अपने डीमैट account से जोड़े और investing शुरू करें।
मैं आशा करता हूँ की इसलिए आर्टिकल मे आपको डीमैट से जुडी सभी प्रकार की जानकारी मिल गई होंगी। परन्तु अगर कोई जानकारी रह गई हो तो अप निचे कमेंट कर सकते हो।
धन्यवाद